गो आधारित जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

गो आधारित जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

तिथि – ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष एकादशी से ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा विक्रम संवत 2083

दिनांक 27 मई 2026 से 31 मई 2026 तक, वार -बुधवार से रविवार तक

स्थान- आर सी एम  वर्ल्ड   भीलवाड़ा

आजकल खेतों में रासायनिक खाद, कीटनाशक, खरपतवारनाशक, कवकनाशक आदि उपयोग किये जा रहे हैं, जिसके कारण विपरीत प्रभाव हो रहे हैं । रासायनिक खाद के उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति लगातार घट रही है, जिससे उत्पादित खाद्यान्नों में पोषक तत्वों की कमी के कारण मानव शरीर में कैंसर, हार्टअटैक, ब्लड प्रेशर, शुगर आदि जैसी असाध्य बीमारियाँ लगातार बढ़ रही है।अपेक्षित पैदावार के लिए रासायनिक खाद की मात्रा प्रतिवर्ष बढ़ानी पड़ती है, जिससे उपज की लागत बढ़ रही है। भविष्य में भूमि के बंजर होने का खतरा भी निरन्तर बढ़ता जा रहा है।
अतः आने वाली पीढ़ी एवं भूमि को सुरक्षित करने के लिए किसानों को  गो  आधारित प्राकृतिक एवं जैविक खेती  को अपनाना होगा।

श्रीरामशांताय जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र ,कोटा, श्री सरोज देवी फाउण्डेशन (SDF) भीलवाड़ा, अमृता देवी पर्यावरण नागरिक संस्थान (अपना संस्थान), भीलवाड़ा, फाउण्डेशन फॅार इकोलॅाजीकल सिक्युरिटी (FES) के साझा प्रयास  से गो आधारित जैविक एवं प्राकृतिक खेती के विस्तार हेतु पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 27 मई 2026 से 31 मई 2026 तक आयोजित होगा।

यह कार्यक्रम संपूर्ण देश के किसानों के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय है स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर व्यवस्थाओं के साथ गो आधारित जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर बुवाई से बाजार तक के तकनीकी ज्ञान का विस्तार करते हुए मास्टर ट्रैनर तैयार करना।

उद्देश्य-

  1. देशभर में गो आधारित जैविक कृषि के अभियान को द्रुतगति से आगे बढ़ाना ।
  2. कम लागत में गुणवता युक्त-अधिक उत्पादन के लिए सतत् एवं टिकाऊ पद्धति के लिए प्रायोगिक सैद्धान्तिक समझ विकसित करना।
  3. ब्लाॅक खण्ड़ स्तर पर कृषि प्रबन्धन को जानने समझने वाले युवाओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित   करना,ताकि ये युवा स्वयं के साथ निकट क्षेत्र के कृषकों को लाभान्वित कर सकें।
  4. गो आधारित जैविक कृषि पर प्रयासरत व्यक्तियों, संस्थाओ एवं संगठनों के यहाँ विस्तार कार्यकर्ता एवं विशेषज्ञ  के रूप में कार्यक्रम से मास्टर ट्रैनर उपलब्ध करवाने का प्रयास करना।

इस कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं

  1. प्रत्येक विषय पर सैद्धांतिक चर्चा के पश्चात प्रायोगिक प्रशिक्षण।
  2. प्रत्येक सत्र के पश्चात सभी किसानों की जिज्ञासा समाधान।
  3. सफल जैविक एवं प्राकृतिक किसानों द्वारा अनुभव कथन प्रस्तुति।
  4. तैयार फसलों की मार्केटिंग के लिए दक्ष ट्रेनर द्वारा अलग से प्रशिक्षण अर्थात खाद्य सामग्री के विक्रेय करने की कला हेतु प्रशिक्षण।
  5. प्रत्येक श्रोता भी वक्ता बने, प्रत्येक श्रोता भी मास्टर ट्रेनर बने। इसके लिए छोटे-छोटे समूह के मध्य श्रोता को वक्ता बनाने का प्रशिक्षण।
  6. सभी को दस प्रकार की सब्जीयों के देशी बीज पैकेट निशुल्क दिया जाएगा।
  7. सभी को समापन कार्यक्रम में प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
  8. राष्ट्र भाव जागरण के नियमित अलग से बौद्धिक सत्र होगा।
  9. रोजाना रात्रि में गो आधारित खेती संबंध में नाटक, गीत, नृत्य, भजन का सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।
  10. कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रतियोगिता के रूप में परीक्षा आयोजित की जाएगी, शीर्ष 3 को ट्रॅाफी दी जाएगी।

पांच दिवसीय के कार्यक्रम हेतु प्रशिक्षण शुल्क मात्र ₹500 प्रति व्यक्ति रहेगी

ऑन लाइन पंजीकरण हेतु गूगल लिंक https://forms.gle/RmJM8wcuEHw6E12D8   क्लिक करेंगे तो तो गूगल फार्म खुलेगा, जिसमें आवश्यक  जानकारी भरने के बाद शुल्क भी जमा करवाना होगा, शुल्क  की जानकारी भी गूगल फार्म में भरने के बाद सबमिट करने पंजीकरण हो जाएगा

शुल्क का भुगतान ऑन लाइन गूगल फार्म पंजीकरण में स्केनर या फोन पे आई डी के द्वारा कर सकेंगे।

किसी को ऑनलाइन फार्म भरने में कठिनाई हो तो वे कार्यालय नंबर .  8875995439 पर अपना नाम पता आदि भेज कर शुल्क phone Pay या Google Pay नंबर – 9352585777 पर जमा करवा कर भी पंजीकरण करवा सकते है।

राशि भुगतान करने के पश्चात व्हाट्सएप नंबर 8875995439 पर भुगतान का स्क्रीनशॉट या  स्लिप या पर्ची प्रेषित करें

ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम दिनांक 2 मई 2026

शुल्क में निहित व्यवस्थाएं

  1. संपूर्ण प्रशिक्षण
  2. कार्यक्रम में अल्पाहार, भोजन, आवास, पुस्तक, पेन, डायरी, प्रमाण पत्र आदि व्यवस्था रहेगी
  3. प्रशिक्षण के पश्चात महीने में एक बार प्रत्येक प्रतिभागी को अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा व्यक्तिगत चर्चा के लिए फोन किया जाएगा, समस्या का समाधान किया जाएगा।
  4. प्रत्येक बुधवार को आपको ऑनलाइन कार्यक्रम में जोड़कर आपकी समस्या को सुनकर समाधान बताया जाएगा।
  5. सभी को अनुसंधान केंद्र के अधिकृत व्हाटसप ग्रुप से जोड़ कर निरंतर वार्तालाप किया जाएगा।

प्रतिभागियों से हमारी अपेक्षा

स्वयं की पानी की बोतल एवं चमच, ओढ़ने के लिए चद्दर शोल लेकर आएं तो अच्छा है।

पांच दिन तक पूरे कार्यक्रम में रुकने की मानसिकता बनाकर पधारना चाहिए।

आपने यदि जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर कोई अद्भुत प्रयास किया है तो उसकी संक्षिप्त विवरण बनाकर साथ लाएं।

पांच दिन के विषय

  1. व्यक्ति, परिवार, समाज, राष्ट्र एवं प्रकृति
  2. वेद, पुराण, महाभारत, रामायण, वृक्षायुर्वेद, वृहत संहित, कृषि परासर, विश्व वल्लभ, लोकोपेकार जैसे पावन ग्रंथ में संकलित गो आधारित खेती के विषयों पर चर्चा
  3. मेड़  मॉडल से वृक्षारोपण, बीज संरक्षण, संवर्धन, उत्पादन एवं वितरण
  4. जल प्रबंधन
  5. भूमि प्रबंधन, जांच सुधार एवं पोषण
  6. सुपोषण तकनीक (खाद निर्माण प्रक्रिया)
  7. फसल पद्धतियां चक्रीय, मिश्रित, अंतरा, बॉर्डर, ट्रैप इत्यादि
  8. गौ महत्व (ताजे गोबर पर विस्तृत अनुसंधान की जानकारी)
  9. खरपतवार पर नवाचारी प्रबंधन
  10. कीट संरक्षण, संवर्धन एवं नियंत्रण
  11. हिरण , खरगोश, नीलगाय, दीमकए सूअर बंदर आदि का सरल प्रबंधन
  12. रोग नियंत्रण की सरल तकनीक
  13. प्रमाणीकरण एवं दस्तावेजीकरण की जानकारी
  14. सस्ते यंत्र-उपकरण की जानकारी
  15. गो पालन की बातें नस्ल, आहार, स्वास्थ्य एवं सुगम चिकित्सा
  16. गो गव्य की अन्य जानकारी
  17. भारत सरकार की समस्त राजकीय योजनाओं की जानकारी (जो प्राकृतिक एवं जैविक खेती से संबंधित हैं)
  18. राजकीय सम्मान एवं अवार्ड के बारे में जानकारी
  19. किसानों के स्वयं के द्वारा किए कार्यो को समाज के मध्य रखने के लिए वीडियो  फोटो आलेख की  ट्रैनिंग

कार्यक्रम प्रबंधन मण्डल

1 श्रीमान ताराचंद जी गोयल ,चैयरमेन -गोयल ग्रामीण विकास संस्थान  (श्रीरामशान्ताय जैविक कृषि अनुसंधान केंद्र ,कोटा)

2 श्रीमान तिलोक जी छाबड़ा, चैयरमेन-सरोज देवी फाउण्डेशन, भीलवाड़ा

3 श्री विनोद जी मेलाना, सचिव- अपना संस्थान, राजस्थान

4  श्री शान्तनु सिन्हा, प्रदेश प्रभारी ;राजस्थान-फाउण्डेशन फॉर इकोलॉजीकल सिक्युरिटी

5  श्री पवन टाक ,मुख्य वैज्ञानिक- श्रीरामशान्ताय जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र ,कोटा

गवर्निग बोर्ड मेम्बर एंव जनरल बॉडी मेम्बर- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) नई दिल्ली

कार्यक्रम हेतु हेल्प लाइन नंबर

कार्यालय नंबर .  8875995439 ;व्हाट्सअप भी इस नंबर पर चालू है

0744.2942982 , 2942984, 2942985,  2942986

व्यक्तिगत .

श्री विष्णु  गोचर प्रसार विभाग संयोजक श्रीरामशान्ताय जैविक कृषि अनुसंधान केंद्र , कोटा 91. 9057832013

श्री मुरलीधर नागर श्रीरामशान्ताय जैविक कृषि अनुसंधान केंद्र ,कोटा  91.9672388626

श्री महेश नवहाल- प्रभारी, सरोज देवी फाउण्डेशन, भीलवाड़ा 9414148406

आयोजक संस्थान के बारे में जानकारी हेतु यह वीडियो अवश्य देखे – https://youtu.be/pK-i7cfBEc4?si=tGyqgqlgzdIfc4tr

40 thoughts on “गो आधारित जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम”

  1. भगवान सिंह सिंगोरिया

    भगवान सिंह सिंगोरिया
    पोस्ट हिनोतिया महलपुर
    जिला रायसेन मप्
    पिन 464573
    मो 9893800166

  2. Lagatar mein 2 sal se organic kheti kar raha hun mujhe adhik jankari ke liye yah training ki avashyakta Hai aane Wale samay mein godarik kheti ki bahut demand rahegi isliye mujhe is prashikshan mein bhag Leni ki anumati Den

  3. देव करण नागर

    गौ आधारित जैविक खेती से भारत एक स्वस्थ , स्वावलंबी एवं आर्थिक आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने में आपके अथक प्रयास के लिए सादर साधुवाद।

    1. हमारे द्वारा कार्यक्रम मे जो किसान भाग लेगा उस की व्यवस्था हमारे द्वारा की गई है

  4. Mahesh Kumar Tiwari

    सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे संतु निरामया

  5. गनेश जी

    गोंडवाना जड़ी बूटी का स्टोर लगाना चाहता हूं मैं राजस्थान से ही हूं
    7869665879

    1. इस कार्यक्रम मे किसी भी प्रकार की कोई चीज नहीं बेची जाएगी

  6. Jagat narayan Shah

    यह कार्यक्रम राष्टृ हित बहुत उपयुक्त साबित होगा और सभी जनमानस को भी कृषि के बारे में अद्भुत, आश्चर्य साबित होगा माँ गो माता के गोबर व गोमुत्र से जैविक उत्पाद तैयारहोंगे और माता रानी की रक्षा होगी यह कार्य अत्यन्त विकराल रूप से सफल हो ऐसी मे ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ।

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