केषव माॅडल

केषव माॅडल (बाँस निर्मित सस्ता सोलर ड्रायर) :-

उद्देष्य – कम लागत में स्थानीय व्यवस्था के माध्यम से आधुनिक, टिकाऊ, आकर्षक सोलर ड्रायर का सृजन करना ताकि गाँव का किसान आसानी से अपने उत्पाद फल, सब्जी, औषधि आदि का मूल्य संवर्धन करने हेतु कृषि उत्पाद को सुखा सके व भूमिहीन किसान अन्य कृषकों के यहाँ ऐसे ड्रायर तैयार कर के रोजगार सृजन कर सके।
क्षेत्रफल – 20 फीट लँम्बा, 15 फीट चैड़ा
ऊँचाई – साइड से 10 फीट, मध्य से 12 फीट
आवष्यक सामग्री – मजबूत बाँस या लोहे के पाइप, कोलतार (डामर) नट-बोल्ट, कट्टर मशीन या हस्त चलित कट्टर, ड्रिल मशीन या हस्त चलित उपकरण, टर्बो फैंन 1, 40ग50 फीट 200 गेज की पारदर्शी प्लास्टिक शीट (जो पाॅली हाउस में उपयोग की जाती है), जिगजैग वायर 50 मीटर, प्रोफाइल (जिससे पोली फिल्म डालकर ऊपर जिग जेग वायर डाला जाता है) 50 मीटर, गिट्टी, सीमेन्ट, पत्थर, रस्सी, खूंटे, फावड़ा, तगारी, गैंती हरा रंग, ब्रश, लोहे का दरवाजा।
विधि – सर्वप्रथम ड्रायर हेतु चयनित जगह को साफ करके वहाँ नीचे गिट्टी सीमेन्ट से मजबूत पर्स का निर्माण करे। उपयोग में यदि बाँस काम आते है तो काम आने वाले सभी बाँस को रेजमाल से रगड़ कर सावधानी पूर्वक साफ करें, ध्यान रहे बाँस में कोई छेद न हो, दरार न हो और कोई साइड़ फुटान न हो, ताकि नेट फटे नहीं। यदि लोहे के पाईप काम लेते है तो 1 इंच से ज्यादा मोटा पाइप काम में ले।
साइड़ व मध्य में खडे़ करने में काम आने वाले सभी बाँस को 2.5 फीट तक कोलतार (डामर) में डूबा दें, ताकि दीमक न लगे, पानी से गलन न हो। फिर आवश्यकता अनुरूप सभी जगह पर छेद कर दे ताकि नट बोल्ट कसा जा सके। अब सभी बाँस या पाईप पर रंग कर दे ताकि बाँस धूप से फटे नहीं और ड्रायर आकर्षक भी लगे।
अब निम्नलिखित व्यवस्था अनुरूप नर्सरी के लिए ढ़ाँचा खड़ा करे
ऊँचाई में खडे़ बाँस या पाईप हेतु 12 फीट लँम्बाई (2 फीट भाग जिस पर कोलतार या डामर लगा है उसको जमीन में गाड़ दिया जाएगा) के 8 नग को दोनों तरफ काम ले।
मध्य में खडे़ बाँस या पाईप हेतु 14 फीट लँम्बाई (2 फीट डामर लगे भाग को जमीन में गाड़ दिया जाएगा) के 4 नग काम में ले।
दोनों तरफ के खड़े बाँस या को जोड़ने हेतु 5 फीट लँम्बाई के 8 नग जो 4-4 दोनों तरफ काम में ले।
मध्य में खड़े बाँस को जोड़ने हेतु 5 फीट लँम्बाई के 8 नग जो 4 ऊपर (12 फीट ऊँचाई पर) 4 नीचे 10 फीट ऊँचाई पर काम ले। 4 तिरछे वी आकार में दोनों तरफ के बाँस को मध्य के बाँस या पाईप से जोड़ने हेतु 15 फीट लँम्बाई के में यू आकार के पाईप 4 नग काम में आएंगे।
यू आकार में जुडे़ बाँस या पाईप के ठीक नीचे भी दोनों तरफ के बाँस या पाईप को मध्य के बाँस से जोड़ने हेतु 7.5 फीट लँम्बाई के 8 नग (4-4 दोनों ओर) काम आएंगे।
मध्य के सिस्टम ऐ टर्बो फेन लगाना है, इस हेतु जगह छोड़ना आवश्यक है।
उक्त सभी एक दूसरे बाँस या पाईप को जोड़ने हेतु लोहे के पाईप से ऐसे साँचे बना ले वेल्डिंग से, कि सभी बाँस या पाईप उसमें एक दूसरी तरफ अन्दर फंस सके। सभी बाँस या पाईप को जोड़ने के बाद नट बोल्ट से कस ले। ऊपर के पूरे ढाँचे के चारों ओर व मध्य में एवं नीचे के ढाँचे के पाईप को केवल चारों ओर प्रोफाइल कवर को सेल्फ स्क्रू के माध्यम से कस ले। इस तरह ये एक ढाँचा तैयार हो जाएगा।
अब सबसे पहले 10 फीट चैड़ी, 20 फीट लम्बी पाॅली को इस ऊपर ढाँचे पर एक तरफ की और लगी प्रोफाइल में जिगजेग वायर की सहायता से कस ले, ऐसे ही दूसरी तरफ, ऊपर नीचे आदि जगह पर पोली फिल्म को जिगजैग वायर के सहयोग से प्रोफाइल में कस ले। ध्यान रहे एक तरफ दरवाजा जरूर रखें, ताकि आवागमन आसान हो सके। दरवाजा 4 फीट चैड़ा रखे। इस तरह यह केशव माॅडल तैयार होगा।
सावधानी – जिस जगह जल भराव वाली न हो, अर्थात् उठी हुई हो, बाँस या पाईप उपयोग करते समय ध्यान रहे मजबूत बाँस या पाईप ही उपयोग करें, अन्यथा तेज हवा से टूटने या मुड़ने का भय रहेगा व बाँस तेज गर्मी में फटने की आशंका रहती है। कार्य करते समय पूर्ण सावधानी बरतें। गड्ढे में बाँस या पाईप खडे़ करते समय मजबूती से अन्दर गिट्टी आदि डाले, अन्यथा ढ़ीला रह सकता है। बोल्ट को कस के लगाए नही तो ढीले होने के बाद पूरा ड्रायर खराब होने की आशंका रहेगी।